सफर वही जहाँ तक तुम हो
नजर वही जहाँ तक तुम हो
वैसे तो हजारो फूल खिलते है गुलशन में
मगर खुशबू वही जहाँ तक तुम हो
Enjoy Every Movement of life!
सफर वही जहाँ तक तुम हो
नजर वही जहाँ तक तुम हो
वैसे तो हजारो फूल खिलते है गुलशन में
मगर खुशबू वही जहाँ तक तुम हो
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
saath chhodane vaalo ko to bas.. aik bahaana chaahie,
varana nibhaane vaale to maut ke daravaajhe tak saath nahee chhodate..
साथ छोडने वालो को तो बस.. ऐक बहाना चाहिए,
वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाझे तक साथ नही छोडते..