सफर वही जहाँ तक तुम हो
नजर वही जहाँ तक तुम हो
वैसे तो हजारो फूल खिलते है गुलशन में
मगर खुशबू वही जहाँ तक तुम हो
सफर वही जहाँ तक तुम हो
नजर वही जहाँ तक तुम हो
वैसे तो हजारो फूल खिलते है गुलशन में
मगर खुशबू वही जहाँ तक तुम हो
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
Koi kaura bole taan chup kar jayida
Kujh lafzaan nu injh bezuban rakhde haan..!!
Akhan ch bhawein beshakk pani rehnde
Par bullan te hamesha muskan rakhde haan..!!
ਕੋਈ ਕੌੜਾ ਬੋਲੇ ਤਾਂ ਚੁੱਪ ਕਰ ਜਾਈਦਾ
ਕੁਝ ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਇੰਝ ਬੇਜ਼ੁਬਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!
ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਭਾਵੇਂ ਬੇਸ਼ੱਕ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦੈ
ਪਰ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਮੁਸਕਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!