Kon kehta ki sirf paa lena hi ishq hai
yaar ko khokar uski yaad me dube rehna bhi ishq hai..❤️
कौन कहता है कि सिर्फ पा लेना ही इश्क़ है
यार को खो कर उसकी याद में डूबे रहना भी इश्क़ है..❤️
Kon kehta ki sirf paa lena hi ishq hai
yaar ko khokar uski yaad me dube rehna bhi ishq hai..❤️
कौन कहता है कि सिर्फ पा लेना ही इश्क़ है
यार को खो कर उसकी याद में डूबे रहना भी इश्क़ है..❤️
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
आंखें अगर कमजोर होती तो शायद दिल ना लगाते..
जब देख ही नहीं पाते, तो उनसे यूंही थोड़ी ना मिल जाते..
ना उनके चेहरे का दीदार होता, ना आँखों में डूब जाते..
ना आज गमों में होते, ना खुद को मुश्किल में पाते..