Kon kehta ki sirf paa lena hi ishq hai
yaar ko khokar uski yaad me dube rehna bhi ishq hai..❤️
कौन कहता है कि सिर्फ पा लेना ही इश्क़ है
यार को खो कर उसकी याद में डूबे रहना भी इश्क़ है..❤️
Kon kehta ki sirf paa lena hi ishq hai
yaar ko khokar uski yaad me dube rehna bhi ishq hai..❤️
कौन कहता है कि सिर्फ पा लेना ही इश्क़ है
यार को खो कर उसकी याद में डूबे रहना भी इश्क़ है..❤️
Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!
कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।