Mai us zamane se ishq krta aaya hu
Jis zamane me log ishq ke naam se drte the❤
मैं उस ज़माने से इश्क़ करता आया हूँ
जिस ज़माने में लोग इश्क़ के नाम से डरते थे ❤
Mai us zamane se ishq krta aaya hu
Jis zamane me log ishq ke naam se drte the❤
मैं उस ज़माने से इश्क़ करता आया हूँ
जिस ज़माने में लोग इश्क़ के नाम से डरते थे ❤
रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह