Badi mushqil naal rokde haan dil apne nu
Baar baar sajjna ishq Na jgaa..!!
ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਨਾਲ ਰੋਕਦੇ ਹਾਂ ਦਿਲ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਬਾਰ ਬਾਰ ਸੱਜਣਾ ਇਸ਼ਕ ਨਾ ਜਗਾ..!!
Badi mushqil naal rokde haan dil apne nu
Baar baar sajjna ishq Na jgaa..!!
ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਨਾਲ ਰੋਕਦੇ ਹਾਂ ਦਿਲ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਬਾਰ ਬਾਰ ਸੱਜਣਾ ਇਸ਼ਕ ਨਾ ਜਗਾ..!!
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।