E khuda eh ishq da ki nazara e
Kise layi e gunah te kise jano pyara e..!!
ਏ ਖੁਦਾ ਇਹ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਕੀ ਨਜ਼ਾਰਾ ਏ
ਕਿਸੇ ਲਈ ਏ ਗੁਨਾਹ ਤੇ ਕਿਸੇ ਜਾਨੋਂ ਪਿਆਰਾ ਏ..!!
E khuda eh ishq da ki nazara e
Kise layi e gunah te kise jano pyara e..!!
ਏ ਖੁਦਾ ਇਹ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਕੀ ਨਜ਼ਾਰਾ ਏ
ਕਿਸੇ ਲਈ ਏ ਗੁਨਾਹ ਤੇ ਕਿਸੇ ਜਾਨੋਂ ਪਿਆਰਾ ਏ..!!
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?