Na chacha hamare Vidhyaieak Hai
” Na lod hathearo Ki”
Sir fad kar rakhde ge janab
Itne power hai
Mere jarro ki!
Na chacha hamare Vidhyaieak Hai
” Na lod hathearo Ki”
Sir fad kar rakhde ge janab
Itne power hai
Mere jarro ki!
naseeb di gal na kar mere ton
me har jityaa khaab guaaeyaa e
eh akhaa te hanju edaa hi nahi
me zakham dard dil te lukaaeyaa ee
ਨਸ਼ੀਬ ਦੀ ਗੱਲ ਨਾ ਕਰ ਮੇਰੇ ਤੋਂ
ਮੈਂ ਹਰ ਜਿਤੀਆਂ ਖ਼ੁਆਬ ਗੁਆਇਆ ਐਂ
ਏਹ ਅਖਾਂ ਤੇ ਹੰਜੂ ਇਦਾਂ ਹੀ ਨਹੀਂ
ਮੈਂ ਜਖ਼ਮ ਦਰਦ ਦਿਲ ਤੇ ਲੁਕਾਇਆ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।