Its good to be alone || dard shayari was last modified: February 15th, 2023 by Sunny Jhajhria
din dihaadhe ghumde ne hewaan makhotta insaan da laake
ghar toh eh nikalde ne lagda sohaa bebe diyaa khake
apni dhiyaa dhiyaa doojhyaa di vehsa hoi
eh dekho loko doojeyaa di te daag lgaa ke
aapniyaa dhiyaa lakoi
ਦਿਨ ਦਿਹਾੜੇ ਘੁਮਦੇ ਨੇ ਹੇਵਾਨ ਮਖੋਟਾ ਇਂਸਾਨ ਦਾ ਲਾਕੇ
ਘਰ ਤੋਂ ਐਹ ਨਿਕਲਦੇ ਨੇ ਲਗਦਾ ਸੋਹਾ ਬੇਬੇ ਦਿਆਂ ਖ਼ਾਕੇ
ਆਪਣੀ ਧੀਆਂ ਧੀਆ ਦੁਜੀਆਂ ਦੀ ਵੇਹਸਾ ਹੋਈ
ਐਹ ਦੇਖੋ ਲੋਕੋ ਦੁਜੀਆਂ ਦੀ ਤੇ ਦਾਗ਼ ਲਗਾ
ਆਪਣੀਆਂ ਧੀਆਂ ਲਕੋਈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।