Tune rakhi hi nahi bna kr warna
Tumhe wo muqam dete ki sara zamana dekhta✌️
तूने रखी ही नहीं बनाकर वरना
तुम्हे वो मुकाम देते की सारा ज़माना देखता✌️
Tune rakhi hi nahi bna kr warna
Tumhe wo muqam dete ki sara zamana dekhta✌️
तूने रखी ही नहीं बनाकर वरना
तुम्हे वो मुकाम देते की सारा ज़माना देखता✌️

ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!