Tune rakhi hi nahi bna kr warna
Tumhe wo muqam dete ki sara zamana dekhta✌️
तूने रखी ही नहीं बनाकर वरना
तुम्हे वो मुकाम देते की सारा ज़माना देखता✌️
Tune rakhi hi nahi bna kr warna
Tumhe wo muqam dete ki sara zamana dekhta✌️
तूने रखी ही नहीं बनाकर वरना
तुम्हे वो मुकाम देते की सारा ज़माना देखता✌️
Mom se hain gir rahe armaan yun pighal ke
Angaro mein sulagh rahi kuch aag halke halke
Mausam badal rahe palkein bhiga rahe hain
Kuch lamhe beete kal ke kuch lamhe aaj kal ke
मोम से हैं गिर रहे अरमां यूं पिघल के
अंगारों में सुलग रही कुछ आग हल्के हल्के
मौसम बदल रहे पलकें भीगा रहे हैं
कुछ लम्हे बीते कल के कुछ लम्हे आज कल के
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...