
Palle kakh reha na mere..!!
Haase athre ne dil sada lutteya
Te jaan layi ishq tere..!!

मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
Na sochiyega
Kabhi aapki fikar krenge kisi se aapka zikar krenge zikar kya juban par naam nhi ykeen maniye isse badhkar koi intkaam nhi
न सोचिएगा
कभी आप की फिक्र करेंगे किसी से आपका ज़िक्र करेंगे ज़िक्र क्या जुबां पर नाम नही यकीन मानिए इस से बढ़ कर इंतकाम नही