
Palle kakh reha na mere..!!
Haase athre ne dil sada lutteya
Te jaan layi ishq tere..!!

एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..
Ohde ranga vich rangdi haan khud nu
Oh soohe rang khaas warga..!!
Ohde khayalan di chashni ch dubbi haan
Oh gud di mithaas warga..!!
ਉਹਦੇ ਰੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਰੰਗਦੀ ਹਾਂ ਖੁਦ ਨੂੰ
ਉਹ ਸੂਹੇ ਰੰਗ ਖ਼ਾਸ ਵਰਗਾ..!!
ਉਹਦੇ ਖਿਆਲਾਂ ਦੀ ਚਾਸ਼ਨੀ ‘ਚ ਡੁੱਬੀ ਹਾਂ
ਉਹ ਗੁੜ ਦੀ ਮਿਠਾਸ ਵਰਗਾ..!!