mainne insaan kee vafa par yakeen karana chhod diya hai,
jab kismat badal sakatee hai to ye mittee ke insaan kyon nahin…
मैंने इंसान की वफ़ा पर यकीन करना छोड़ दिया है,
जब किस्मत बदल सकती है तो ये मिट्टी के इंसान क्यों नहीं…
mainne insaan kee vafa par yakeen karana chhod diya hai,
jab kismat badal sakatee hai to ye mittee ke insaan kyon nahin…
मैंने इंसान की वफ़ा पर यकीन करना छोड़ दिया है,
जब किस्मत बदल सकती है तो ये मिट्टी के इंसान क्यों नहीं…
Tera chadd jana, mera tutt jana, bas jajjbaata da dhokha c,
ik hor saal beet gya, bin tere ik pal v kadhna aukha c
ਤੇਰਾ ਛੱਡ ਜਾਣਾ , ਮੇਰਾ ਟੁੱਟ ਜਾਣਾ, ਬਸ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਧੋਖਾ ਸੀ,
ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਿਆ, ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਇਕ ਪਲ ਵੀ ਕੱਢਣਾ ਔਖਾ ਸੀ ,
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता