Jab yaad aati hai…
Toh aankh bhar aati hai…
Tumse mill kr…
Zindgi khoobsurat nazar aati hai…
जब याद आती है…
तो आँख भर आती है…
तुमसे मिल कर..
ज़िन्दगी खूबसूरत नज़र आती है…
Jab yaad aati hai…
Toh aankh bhar aati hai…
Tumse mill kr…
Zindgi khoobsurat nazar aati hai…
जब याद आती है…
तो आँख भर आती है…
तुमसे मिल कर..
ज़िन्दगी खूबसूरत नज़र आती है…
Kade door c sathon oh hoye jehe
Jiwe ishq de mamle ton pachde c..!!
Hun rooh nu aa injh mil hi gaye
Jiwe kayi janma ton vichde c..!!
ਕਦੇ ਦੂਰ ਸੀ ਸਾਥੋ ਉਹ ਹੋਏ ਜਿਹੇ
ਜਿਵੇਂ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਤੋਂ ਪੱਛੜੇ ਸੀ..!!
ਹੁਣ ਰੂਹ ਨੂੰ ਆ ਇੰਝ ਮਿਲ ਹੀ ਗਏ
ਜਿਵੇਂ ਕਈ ਜਨਮਾਂ ਤੋਂ ਵਿੱਛੜੇ ਸੀ..!!
बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”
बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”
उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”
“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।
“गंगा”
“तुम्हारे पिता का नाम?”
“जमुना”
“और मां का नाम सरस्वती है?”
“हुजूर, नर्मदा।”
यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”
यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।