Manzil tan appe naraz hauni c
jad dil la baitha me
ajhnabi raawan naal
ਮੰਜ਼ਿਲ ਤਾਂ ਆਪੇ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋਣੀ ਸੀ
ਜਦ ਦਿਲ ਲਾ ਬੈਠਾਂ ਮੈਂ
ਅਜਨਬੀ ਰਾਵਾਂ ਨਾਲ
Manzil tan appe naraz hauni c
jad dil la baitha me
ajhnabi raawan naal
ਮੰਜ਼ਿਲ ਤਾਂ ਆਪੇ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋਣੀ ਸੀ
ਜਦ ਦਿਲ ਲਾ ਬੈਠਾਂ ਮੈਂ
ਅਜਨਬੀ ਰਾਵਾਂ ਨਾਲ
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
ये रात कटती है आज भी ख्याल में उनके
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है
किसी औरकी तस्वीर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफ़त आज भी है
एक बार चाह कर चाहे दिल तोड़ दे वोह
दिल तोड़ के जाने की इज़ाज़त उसे आज भी है
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
Hum samandar hain humein khamosh rehne do
Zra machal gye to shehar le doobenge 🫠
हम समंदर है हमें खामोश रहने दो
जरा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे🫠