कुछ नए अहसास लिए फिरता है,
ये दिल मेरा अजीब से जज्बात के लिए फिरता है,
समझ में नहीं आ रहा चल क्या रहा है,.
कुछ तो अजीब से सवाल के लिए फिर रहा है🥀
कुछ नए अहसास लिए फिरता है,
ये दिल मेरा अजीब से जज्बात के लिए फिरता है,
समझ में नहीं आ रहा चल क्या रहा है,.
कुछ तो अजीब से सवाल के लिए फिर रहा है🥀
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——
Dekh Russeya nu sanu mnauna nahio aunda..!!
Zazbatan naal khed laare launa nahio aunda..!!
Chahunde haan mohobbat hai bas gall khatam
Lokan vang pyar de gaan gauna nahio aunda..!!
ਦੇਖ ਰੁੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਨੂੰ ਮਨਾਉਣਾ ਨਹੀਂਓ ਆਉਂਦਾ..!!
ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨਾਲ ਖੇਡ ਲਾਰੇ ਲਾਉਣਾ ਨਹੀਂਓ ਆਉਂਦਾ..!!
ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਾਂ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੈ ਬਸ ਗੱਲ ਖ਼ਤਮ
ਲੋਕਾਂ ਵਾਂਗ ਪਿਆਰ ਦੇ ਗਾਨ ਗਾਉਣਾ ਨਹੀਂਓ ਆਉਂਦਾ..!!