हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Jihne badlna hunda oh time nhi launde hunde
Jihne dilo na kaddna howe oh gairan nu nhi apnaunde hunde..🙌
ਜਿਹਨੇ ਬਦਲਣਾ ਹੁੰਦਾ ਉਹ ਟਾਇਮ ਨਹੀਂ ਲਾਉਂਦੇ ਹੁੰਦੇ
ਜਿਹਨੇ ਦਿਲੋਂ ਨਾ ਕੱਢਣਾ ਹੋਵੇ ਉਹ ਗੈਰਾਂ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹੁੰਦੇ…🙌