ये चांद ये रात वो तारे
सब तो है मेरे पास
और क्या चाहिए तुझे
कुछ बाते कुछ किस्से और मुलाकात
सब तो है मेरे पास
और क्या चाहिए तुझे
हसना रोना और मुस्कुराना
तेरे बाद दिल को बहलाना
वो कागज वो अल्फाज और तेरी याद
सब तो है मेरे पास
और क्या चाहिए…..
खून टपकने लगा आंखो से
आंसुओ को सूखे जमाना हुआ
तुम्हारी तस्वीर ही बची थी पास मेरे
तम्हारा कैसे आना हुआ
क्यू हाल पूंछ मेरे जख्मों को कुरेद रहे हो तुम
मेरे जिस्मों में अब दर्द का ठिकाना हुआ
सलमान….दर्द ही लिखोगे क्या ता_उम्र
उससे पूछो तो इस दर पर क्यू आना हुआ
कलम….तू तो जनता है न मेरे हालात ….
तू बता कैसे हमारा गुजारा हुआ