Garmi Suraj mae hoti hai
Jalte zameen wale log
Jalna Suraj ko chahiye
Fir apas mae kyu jalte hai log
गर्मी सूरज मए होती है
जलते ज़मीन वाले लोग
जलना सूरज को चाहिए
फिर आपस में क्यों जलते हैं लोग
Garmi Suraj mae hoti hai
Jalte zameen wale log
Jalna Suraj ko chahiye
Fir apas mae kyu jalte hai log
गर्मी सूरज मए होती है
जलते ज़मीन वाले लोग
जलना सूरज को चाहिए
फिर आपस में क्यों जलते हैं लोग
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Inn baaton par kon qayam rehta hai janaab,
Humne waqt ke sath iss waqt ko bhi badalte dekha hai ✌️
इन बातों पर कौन कायम रहता है जनाब,
हमने वक़्त के साथ इस वक़्त को भी बदलते देखा है ✌️