
kehnde saadi yaad kyu bhulai baitha
lagda duniyaa baare sochna shadd dita
te apne aap naal pyar hun payi baitha

दिल के दर्द का एहसास तब हुआ जब हमारी परछाईं भी हमसे रूठ गई,
अँधेरे से लगता था डर और अब इस अँधेरे से जैसे यारी हो गई,
धड़कनों की तड़प अब बन गई है इस दिल की एक लोरी,
अब न किसी खुशी का इंतज़ार है, न कोई उम्मीद, हमें तो दर्द से मोहब्बत हो गई।
अँधेरे से लगता था डर और अब इस अँधेरे से जैसे यारी हो गई,
धड़कनों की तड़प अब बन गई है इस दिल की एक लोरी,
अब न किसी खुशी का इंतज़ार है, न कोई उम्मीद, हमें तो दर्द से मोहब्बत हो गई।
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