Ham fakeero se kya puchhte ho dastan-e-mohabbat❣️
Hm to bewafao ko bhi jeene ki dua dete hai🙂
हम फकीरों से क्या पूछते हो दास्तां-ए-मोहोब्बत❣️
हम तो बेवफ़ाओं को भी जीने की दुआ देते हैं🙂
Ham fakeero se kya puchhte ho dastan-e-mohabbat❣️
Hm to bewafao ko bhi jeene ki dua dete hai🙂
हम फकीरों से क्या पूछते हो दास्तां-ए-मोहोब्बत❣️
हम तो बेवफ़ाओं को भी जीने की दुआ देते हैं🙂
सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ
तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता