झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
Enjoy Every Movement of life!
झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
itna pyar to mujhe khud se bhi nhi hua
jitna tumse ho gya hai
