झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
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झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
At childhood we cry loudly to get what we love
But when we grow we cry silently to forget what we love…💔😔
Ab koi shikwa shikayat nahi
Ab mujhme hi mai hu
Tum me nahi…🙌
अब कोई शिकवा शिकायत नहीं
अब मुझमें ही मैं हूँ
तुम में नहीं…🙌