झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
Enjoy Every Movement of life!
झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....

Aaj thoda waqt nikala hai apne liye
Esa mausam roz nhi aata ..😊❤️
आज थोड़ा वक्त निकाला है अपने लिए,
ऐसा मौसम रोज़ नहीं आता…😊❤️