झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
Enjoy Every Movement of life!
झपकियां ले लेकर थक चुकी है ज़िंदगी, आंखों को नींद का सहारा चाहिए और सपनों को उसकी बाहों का....
chheti tuttan wale nahi si
bas koi apna bna ke todh gya
ਛੇਤੀ ਟੁੱਟਣ ਵਾਲੇ ਨਹੀਂ ਸੀ,
ਬੱਸ ਕੋਈ ਆਪਣਾ ਬਣਾ ਕੇ ਤੋੜ ਗਿਆ…🎭
