Enjoy Every Movement of life!
जीवन के दरिया में
एक कश्ती सा है मन
कहती हैं…
हालात की लहरें,
कि सफ़र में अभी
आज़माइश बाक़ी है!
समझाना मन को और
समझना उसे…
कि साथ है जब तक ये
हर गुंजाईश बाक़ी है।
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
