Jihna di fitrat vich daga oh kade wafawan nahi karde
Jo rukh jiyaada uchhe ne oh kise nu chhawan nahi karde
ਜਿਹਨਾਂ ਦੀ ਫਿਤਰਤ ਵਿੱਚ ਦਗਾ ਉਹ ਕਦੇ ਵਫਾਵਾਂ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ
ਜੋ ਰੁੱਖ ਜਿਆਦਾ ਉੱਚੇ ਨੇ ਉਹ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਛਾਵਾਂ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ
Jihna di fitrat vich daga oh kade wafawan nahi karde
Jo rukh jiyaada uchhe ne oh kise nu chhawan nahi karde
ਜਿਹਨਾਂ ਦੀ ਫਿਤਰਤ ਵਿੱਚ ਦਗਾ ਉਹ ਕਦੇ ਵਫਾਵਾਂ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ
ਜੋ ਰੁੱਖ ਜਿਆਦਾ ਉੱਚੇ ਨੇ ਉਹ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਛਾਵਾਂ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना