जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
Enjoy Every Movement of life!
जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
मंजिल दूर और सफ़र बहुत है,
छोटी सी ज़िन्दगी और फिक्र बहुत है,
मार डालता ये जहान कब का हमें,
पर मेरी माँ की दुआओं में असर बहुत है…
किस्मतों से मिलती है माँ की ममता,
उस ममता में प्यार कभी नही थमता,
खुश-किस्मत हु मैं जो माँ का प्यार मिला,
ज़िन्दगी से मुझे नही है कोई गिला…

