jini teri kadar kiti
tu ohna hi bekadar hunda gya
tu jina mere to door hoeyaa
me ohna hi besabar hunda gya
ਜ਼ਿਨੀ ਤੇਰੀ ਕਦਰ ਕਿਤੀ
ਤੂੰ ਓਹਨਾਂ ਹੀ ਬੇਕਦਰ ਹੁੰਦਾ ਗਿਆ
ਤੂੰ ਜਿਨਾ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋਇਆ
ਮੈਂ ਓਹਣਾ ਹੀ ਬੇਸਬਰ ਹੁੰਦਾ ਗਿਆ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
jini teri kadar kiti
tu ohna hi bekadar hunda gya
tu jina mere to door hoeyaa
me ohna hi besabar hunda gya
ਜ਼ਿਨੀ ਤੇਰੀ ਕਦਰ ਕਿਤੀ
ਤੂੰ ਓਹਨਾਂ ਹੀ ਬੇਕਦਰ ਹੁੰਦਾ ਗਿਆ
ਤੂੰ ਜਿਨਾ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋਇਆ
ਮੈਂ ਓਹਣਾ ਹੀ ਬੇਸਬਰ ਹੁੰਦਾ ਗਿਆ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….

E kaisa rog hai ishq da
ajhmaunda v bada te rulaunda v bada
pata na lagge mainu isda, kinjh me byaan karaan
fir v is rog nu main behad pyaar karan