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1591472171098

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Title: 1591472171098

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Iraade umeedo ke sakhat lagte ho || hindi shayari

इरादे उम्मीदों के,सख़्त लगते हो

तुम मुझे मेरा,बुरा वक्त लगते हो

होठों पर नज़र,नहीं जाती है क्या

माथा चूम कर,क्यू गले लगते हो

यार लहज़ा ऐसा, क्यूं है तुम्हारा

देखने में,इंसान तो भले लगते हो

तुम्हे क्या पता,दिल कहतें हैं इसे

तुम जो खिलोने, बेचने लगते हो

सच्चा इश्क़ ही तो, मांगा है मैंने 

हर बार ये क्या, सोचने लगते हो

उदास हो कर कहते हैं,अलविदा

जब तुम ये,घड़ी देखने लगते हो

के कुछ पहेलियां भी,समझा करो

तुम मतलब,क्यों पूछने लगते हो

कोई ख्याल बचा कर,रखो भैरव

तुम तो बस,कलम ढूढने लगते हो

Title: Iraade umeedo ke sakhat lagte ho || hindi shayari


Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।

मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।

बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।

मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।

मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।

मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।

मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।

मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।

जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।

जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।

जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।

खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।

Title: Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry