chhod dee hamane hamesha ke lie usakee aarajoo karana,
jise mohabbat kee kadr na ho use duao me kya maangana…
छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना,
जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना…
chhod dee hamane hamesha ke lie usakee aarajoo karana,
jise mohabbat kee kadr na ho use duao me kya maangana…
छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना,
जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना…
जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।
Unke husn ka aalam na poochhiye
bas tasveer ho gya hu, tasveer dekhkar
उनके हुस्न का आलम न पूछिये,
बस तस्वीर हो गया हूँ, तस्वीर देखकर