Enjoy Every Movement of life!
टुकड़े कितने किए तूने बदला पुराना लगता है
तेरे लोट आने की बात अब बहाना लगता है
वैसे तो भूलते नही है हम पर
तेरे साथ बिता वक्त अब पुराना लगता है
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
