Enjoy Every Movement of life!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
गलती मेरी ना होने पर भी मुझे गलत बनाया गया है
एक दफा नही मुझे कई बार सताया गया है ,
अब क्या ही सुनाई मैं अपनी मोहब्बत की दास्तां
पूरी महफिल में मुझे बेवफा बताया गया है ।
