
Eh jisma di deewani duniya e
Roohan vali mohobbat kithe kar layugi..!!

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
मुकर्रर वही सवाल।
क्या अहमियत रखता हूँ आपकी ज़िंदगी में ?
सुनो।
सोने से पहले और जागने के बाद , मेरा पहला ख़याल हो तुम,
बग़ैर देखे भी तुम्हें पाने की चाह बढ़ते जाना, मेरा ऐसा पहला प्यार हो तुम।
जिसका जवाब देते वक्त पलकें झुक जाए , वो सवाल हो तुम।
और जिसका सिर्फ़ नाम सुनकर ही होंठों पर मुस्कान चा जाए , सच पूछो तो पहले ऐसे इंसान हो तुम।
तो आज के बाद मत पूछना की मेरे लिए कितने ख़ास हो तुम।❤️