Jithe apne nu khon da dar mukje ,
Othe kadar v appw muk jandi aw,
Jithe apne nu khon da dar mukje ,
Othe kadar v appw muk jandi aw,
Lutt lye haase kadd zind lai gyi
Sanu sadi changeyai bahli mehngi pai gyi..!!
ਲੁੱਟ ਲਏ ਹਾਸੇ ਕੱਢ ਜਿੰਦ ਲੈ ਗਈ
ਸਾਨੂੰ ਸਾਡੀ ਚੰਗਿਆਈ ਬਾਹਲੀ ਮਹਿੰਗੀ ਪੈ ਗਈ..!!
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?