जितना 🤔तडपा हूँ उतना 😃एक दिन तड्पोगे,😁
जिस 🤔जिस गली भटका 😊तुम भी भटकोगे🤟
le खेला जो 🤔मोहब्बत का इतनी🤟 सफ्राई से ,👍
गले 🤪मिलना तो छोड्डो🙏 हाथ मिलाने को तरसोगे🤪🤪
जितना 🤔तडपा हूँ उतना 😃एक दिन तड्पोगे,😁
जिस 🤔जिस गली भटका 😊तुम भी भटकोगे🤟
le खेला जो 🤔मोहब्बत का इतनी🤟 सफ्राई से ,👍
गले 🤪मिलना तो छोड्डो🙏 हाथ मिलाने को तरसोगे🤪🤪
Loki puchhde ne aksar
ki karda haan me
ki dassan me ohna nu
roj parda han me ohnu
roj likhda han me ohnu
ਲੋਕੀ ਪੁਛਦੇ ਨੇ ਅਕਸਰ
ਕੀ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਕੀ ਦੱਸਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ
ਰੋਜ਼ ਪੜ੍ਹਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨੂੰ
ਰੋਜ਼ ਲਿਖਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨੂੰ
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!