Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Title: ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari
Zaroorat vele yaad na karega kar || ghaint punjabi shayari
Menu sirf zaroorta vele yaad na kareya kar,
Galatfehmi ho jandi e kite mein khuda taan nahi!
ਮੈਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਜਰੂਰਤਾਂ ਵੇਲੇ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਗਲਤਫ਼ਹਿਮੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਐ ਕਿਤੇ ਮੈਂ ਖੁਦਾ ਤਾਂ ਨਹੀਂ!

