Jo hass ke langh jaawe ohi o din sohna ae
fikraa ch na pyaa karo jo hauna so hona aae
ਜੋ ਹੱਸ ਕੇ ਲੰਘ ਜਾਵੇ ਓਹੀ ਓ ਦਿਨ ਸੋਹਣਾ ਏ
ਫਿਕਰਾਂ ਚ ਨਾ ਪਿਆ ਕਰੋ ਜੋ ਹੋਣਾ ਸੋ ਹੋਣਾ ਏ ..
Jo hass ke langh jaawe ohi o din sohna ae
fikraa ch na pyaa karo jo hauna so hona aae
ਜੋ ਹੱਸ ਕੇ ਲੰਘ ਜਾਵੇ ਓਹੀ ਓ ਦਿਨ ਸੋਹਣਾ ਏ
ਫਿਕਰਾਂ ਚ ਨਾ ਪਿਆ ਕਰੋ ਜੋ ਹੋਣਾ ਸੋ ਹੋਣਾ ਏ ..
महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी
Vaah pai gya duniya naal
Masoomiyat hi bhull gya😟..!!
Hassda khed da chehra ikk
Haase vandaunda Rul gya💔..!!
ਵਾਹ ਪੈ ਗਿਆ ਦੁਨੀਆ ਨਾਲ
ਮਾਸੂਮੀਅਤ ਹੀ ਭੁੱਲ ਗਿਆ😟..!!
ਹੱਸਦਾ ਖੇਡਦਾ ਚਿਹਰਾ ਇੱਕ
ਹਾਸੇ ਵੰਡਾਉਂਦਾ ਰੁਲ ਗਿਆ💔..!!