
Na kar sakde sacha pyar oh..!!
Na ishq paune de kabil ne
Na maafi de hakkdar oh..!!
Enjoy Every Movement of life!

आसान होगा शायद तुम्हारे लिए ये कहना,
प्यार की डोर में तुम्हें नहीं है बंधना,
हाल दरें हाल बेहाल इस दिल का हो रहा,
जो एक मुलाकात में तुम्हें अपना कह रहा ||
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |