जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
Zuban toh khol, najar toh mila, jabab toh de
Mein kitni baar loota hu, mujhe hisab toh de❤️
tere badan ki likhawat me hai utar chadhaw
Mein tujhko kese padhunga, mujhe kitaab toh de….🙃
जुबा तो खोल, नज़र तो मिला,जवाब तो दे
में कितनी बार लुटा हु, मुझे हिसाब तो दे❤️
तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढाव
में तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे🙃