जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
जिस मकां में जन्म बीता
वो मकां करता नमन
श्वेत कपड़े में लिपटकर शान से जो आ रहा है
पीछे उसके भ्रमर कोई मधुर धुन में गा रहा है
देख उस सपूत को ये जहां करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
उसने दुश्मन के आगे शान से सीना किया है
लौट आया वो धुरंधर उन्हे(दुश्मन) बदहाल जीना किया है
उनकी रूहें इस जमीं से आसमां पर जाएंगी
उनको देख ये खुदा गर्व से करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
शहीद(सैनिक)
Zindagi beet gai sabh nu khush karan ch
Jehdhe aapne c oh kade khush hoye hi nahi
te jehdhe khush hoye oh kade aapne bane hi nahi
ਜਿੰਦਗੀ ਬੀਤ ਗਈ ਸਭ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ‘ਚ
‘ਜਿਹੜੇ’ ਆਪਣੇ ਸੀ ਉਹ ਕਦੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਜਿਹੜੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਉਹ ਕਦੇ ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਨਹੀਂ।