जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
जो लोग हमे पागल कहते थे
उनका कहना अब ठीक लगता हैं
तेरे इश्क में रहेगें ता उम्र अब
चाहे कितना भी अजीब लगता हैं
तेरे मर्जी हैं आ या नही
हम अब ऐसे ही जियेगे
हमे यही सलीका अब ठीक लगता हैं
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
Doori sajjna eh hor hun sehan nahi hundi
Tenu zind apni kar kurbaan de deni e..!!
Mud mud yaad aa ke staya na kar
Tere gama ch asi apni jaan de deni e..!!
ਦੂਰੀ ਸੱਜਣਾ ਇਹ ਹੋਰ ਹੁਣ ਸਹਿਣ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ
ਤੈਨੂੰ ਜ਼ਿੰਦ ਆਪਣੀ ਕਰ ਕੁਰਬਾਨ ਦੇ ਦੇਣੀ ਏ..!!
ਮੁੜ ਮੁੜ ਯਾਦ ਆ ਕੇ ਸਤਾਇਆ ਨਾ ਕਰ
ਤੇਰੇ ਗ਼ਮਾਂ ‘ਚ ਅਸੀਂ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਦੇ ਦੇਣੀ ਏ..!!