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Jo mukkadar ch na hove || 2 lines sad shayari punjabi

Jo mukaadrra ‘ch na likhiyaa howe
aksar hi ohde naal muhobat ho jaandi e

ਜੋ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ‘ਚ ਨਾ ਲਿਖਿਆ ਹੋਵੇ..
ਅਕਸਰ ਹੀ ਉਹਦੇ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ 💞ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਏ..

Title: Jo mukkadar ch na hove || 2 lines sad shayari punjabi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari

खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं …
तेरा अंदर का दिल के दर्द का भी कोई जवाब नही ..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा भीगी हुआ आंखो की नमी का भी कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा तमन्हा पूरी ना होना का भी कोई हिसाब नहीं
खुबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
हस्त हुए चेहरा के पीछे की खामोशी का भी कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
चमकता हुआ चेहरा के पीछे के अंधेरी दुनिया का कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
तेरी हसीन झुल्फो के पीछे छुपा हुआ उलझन का भी कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
पैरो का नीचा छुपा हुआ काटो का भी कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
अपनो के लिए खुद को भूल जाने का भी कोई हिसाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तो कोई जवाब नही….
हाथो के मेहंदी के पीछे छुपी हुई अरमानों की लकीरों का भी कोई हिसाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…

Title: Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari


Intezaar || love punjabi shayari

Muddtan to intzar c us khaas da
Kinj kara byan mohobbat de libas da
Jad vekheya taa kho gyi vich socha de
Enni der to kithe c puchan nu mein locha ve
Muddta to intzaar c us khaas da
Mil gye jwab kayi ohnu takkdeya
Mohobbat de vi jad gye ehsaas ne
Khushi jhalke akhiyan de pass jehe
Muddta to intzaar c us khaas da❤️

ਮੁੱਦਤਾਂ ਤੋਂ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਸੀ ਉਸ ਖ਼ਾਸ ਦਾ
ਕਿੰਝ ਕਰਾਂ ਬਿਆਨ ਮੁਹੱਬਤ ਦੇ ਲਿਬਾਸ ਦਾ
ਜਦ ਵੇਖਿਆ ਤਾਂ ਖੋ ਗਈ ਵਿਚ ਸੋਚਾਂ ਦੇ
ਇੰਨੀ ਦੇਰ ਤੋਂ ਸੀ ਕਿੱਥੇ ਪੁੱਛਣ ਨੂੰ ਮੈਂ ਲੋਚਾਂ ਵੇ
ਮੁੱਦਤਾਂ ਤੋਂ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਸੀ ਉਸ ਖ਼ਾਸ ਦਾ
ਮਿਲ ਗਏ ਜਵਾਬ ਕਈ ਉਹਨੂੰ ਤੱਕਦਿਆਂ
ਮੁਹੱਬਤ ਦੇ ਵੀ ਜੁੜ ਗਏ ਅਹਿਸਾਸ ਨੇ
ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਝਲਕੇ ਅੱਖੀਆਂ ਦੇ ਪਾਸ ਜਿਹੇ
ਮੁੱਦਤਾਂ ਤੋਂ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਸੀ ਉਸ ਖ਼ਾਸ ਦਾ❤️

Title: Intezaar || love punjabi shayari