वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है,🥀
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से मुझे डर लगता है..💔
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है,🥀
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से मुझे डर लगता है..💔
koee rooh ka talabagaar mile to ham bhee mahobbat kar le,
yahaan dil to bahut milate hai, bas koee dil se nahin milata…
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले,
यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता…
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂