वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है,🥀
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से मुझे डर लगता है..💔
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है,🥀
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से मुझे डर लगता है..💔

Pyaar ik hai hi ajehi cheej
k jekar yaar sahmne hove taan
bullaan di muskuraahatt ton pehlaan
naina de paani swagat karde ne
इश्क़ है …न चाह है तुझे पाने की,
फिर भी करीब रहो ये अच्छा लगता है,,
ख्वाब है न हकीकत है.. दरमियाँ अपने
फिर भी तुम्हें सोचना अच्छा लगता है,,
दूर हो न करीब ही हो मेरे “जाना”
फिर भी तू हमकदम हो अच्छा लगता है,,
पराया है न अपना ही है तू मेरा
फिर भी तेरा साथ अच्छा लगता है।।🌻🌻