ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…
ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
Meriyaan akhaan ne chuneya e tainu
eh duniya vekh k
kisda chehra hun vekha me, tera chehra vekh k
ਮੇਰੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਨੇ ਚੁਣਿਆ ਏ ਤੈਨੂੰ
ਇਹ ਦੁਨੀਆ ਵੇਖ ਕੇ
ਕਿਸਦਾ ਚਿਹਰਾ ਹੁਣ ਵੇਖਾਂ ਮੈਂ, ਤੇਰਾ ਚਿਹਰਾ ਵੇਖ ਕੇ