काश ।।।।
उसे भी फर्क पड़ता
मेरे हँसने से ..
मेरे रोने से…
मेरे साथ ना होने से …
और यू इल्जाम ना लगते,मेरे जाने से।।।।
Enjoy Every Movement of life!
काश ।।।।
उसे भी फर्क पड़ता
मेरे हँसने से ..
मेरे रोने से…
मेरे साथ ना होने से …
और यू इल्जाम ना लगते,मेरे जाने से।।।।
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
