Kabhi na sochna akele ho tum,
Akele hona Nahi hai koi jurm!
कभी न सोचना अकेले हो तुम,
अकेले होना नही है कोई जुर्म!
Kabhi na sochna akele ho tum,
Akele hona Nahi hai koi jurm!
कभी न सोचना अकेले हो तुम,
अकेले होना नही है कोई जुर्म!
ik vaari jo jinda es jag ton turiyaa ne
oh v pla kade vapis mudheya ne
banda tan mitti ch rul janda e
par ohdiyaa yaada v plaa kade khuriaa ne
cheta taa aunda aa ona da par o nai aunde
khyaal ona de roj roj ne sataunde
ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਜੋ ਜਿੰਦਾਂ ਏਸ ਜੱਗ ਤੋਂ ਤੁਰੀਆਂ ਨੇ,
ਓ ਵੀ ਪਲਾ ਕਦੇ ਵਾਪਿਸ ਮੁੜੀਆਂ ਨੇ,
ਬੰਦਾ ਤਾਂ ਮਿੱਟੀ ਚ ਰੱਲ ਜਾਂਦਾ ae
ਪਰ ਓਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ v ਪਲਾਂ ਕਦੇ ਖੁਰੀਆਂ ਨੇ.
ਚੇਤਾ ਤਾਂ ਆਉਂਦਾ ਆ ਓਨਾ ਦਾ ਪਰ ਓ nai ਆਉਂਦੇ,
ਖ਼ਯਾਲ ਓਨਾ ਦੇ ਰੋਜ ਰੋਜ ਨੇ ਸਤਾਉਂਦੇ.
✍️anjaan_deep
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा