Kabhi na sochna akele ho tum,
Akele hona Nahi hai koi jurm!
कभी न सोचना अकेले हो तुम,
अकेले होना नही है कोई जुर्म!
Kabhi na sochna akele ho tum,
Akele hona Nahi hai koi jurm!
कभी न सोचना अकेले हो तुम,
अकेले होना नही है कोई जुर्म!
मेरी सारी रातें तुम्हारी, मेरा हर दिन तुम्हारा।
मेरी सारी बातें तुम्हारी, मेरा हर क्षण तुम्हारा।
प्यार की सारी नगमे तुम्हारी, मेरा कतरा – कतरा अब हुआ तुम्हारा।
जाहिर है अब ये प्यार मेरा, बाकी अब है फैसला तुम्हारा। – ईशान कुमार वत्स
कोई खास नही,
पर है अपनो सा लगाव
नाम नही इस रिश्ता का,
मगर प्यार है बेहिसाब
खुशी छोटी ही क्यों न हो,
मगर जश्न का ना है हिसाब
गैरो के गम को भी अपना बनाकर
ये भी करते है विलाप
मुश्किल कितनी ही बड़ी क्यो न हो,
रहती हमेशा दिल में एक आश
कोई साथ हो या न हो
बस ये दोस्त ही है जो रहते है हमेशा साथ
ये दोस्त भी क्या लाज़वाब होते है,
और इनकी दोस्ती भी उतनी ही लाजवाब❤️