कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Enjoy Every Movement of life!
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..

Khush haan apne haal te
Ke haal mera eh tu kita e💔..!!
ਖੁਸ਼ ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਹਾਲ ‘ਤੇ
ਕਿ ਹਾਲ ਮੇਰਾ ਇਹ ਤੂੰ ਜੋ ਕੀਤਾ ਏ💔..!!