कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Enjoy Every Movement of life!
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Mohobbat mein wafa hoti hai wazu ki trah,
Bina wazu ke toh namaz bhi qubool nahi hoti❣️
मोहोब्बत में वफ़ा होती है वज़ू की तरह
बिना वजह के तो नामज़ भी कबूल नही होती❣️
Jis tarah sodium ke bina salt nhi ban sakta
Usi tarah bin yaaro ke class nhi ban sakta❤😍