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Kabhi teji rakhu || hindi shayari

कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..

Title: Kabhi teji rakhu || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


LIKHE BHAAG NI MITDE | Sad Shayari

Kihde kole dukh dasiye
likhe bhaag nahi mitde
jakham tan bhar jaande
par daag nahi mitde

ਕਿਹਦੇ ਕੋਲੋਂ ਦੁਖ ਦੱਸੀਏ
ਲਿਖੇ ਭਾਗ ਨਈ ਮਿੱਟਦੇ
ਜ਼ਖਮ ਤਾਂ ਭਰ ਜਾਂਦੇ
ਪਰ ਦਾਗ ਨਈ ਮਿੱਟਦੇ

Title: LIKHE BHAAG NI MITDE | Sad Shayari


Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry

*क्षमा दान की शक्ति*

आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।

Title: Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry