कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Sadi zindagi da palla mukkadara ne
Fad tere naal injh baneya..!!
Hoye saah vi deewane tere yara
Ke asa tenu rabb manneya..!!
ਸਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਪੱਲਾ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ਨੇ
ਫੜ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਇੰਝ ਬੰਨਿਆ..!!
ਹੋਏ ਸਾਹ ਵੀ ਦੀਵਾਨੇ ਤੇਰੇ ਯਾਰਾ
ਕਿ ਅਸਾਂ ਤੈਨੂੰ ਰੱਬ ਮੰਨਿਆ..!!
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला🍂