कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..

Sache rabb ton eh
Sachii dua hai meri..!!
Jaan meri jad jawe
jawe baahan ch teri..!!
ਸੱਚੇ ਰੱਬ ਤੋਂ ਇਹ
ਸੱਚੀ ਦੁਆ ਹੈ ਮੇਰੀ..!!
ਜਾਨ ਮੇਰੀ ਜਦ ਜਾਵੇ
ਜਾਵੇ ਬਾਹਾਂ ‘ਚ ਤੇਰੀ..!!