कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Enjoy Every Movement of life!
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Jinna nu haal puch ke sada haal pta lagda,
Ohna nu ki pta sada haal ki e ?
ਜਿੰਨਾਂ ਨੂੰ ਹਾਲ ਪੁੱਛ ਕੇ ਸਾਡਾ ਹਾਲ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ,
ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕੀ ਪਤਾ ਸਾਡਾ ਹਾਲ ਕੀ ਏ ?
ਹੰਕਾਰੀ
