कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
mohobbat ho gyi, true love shayari
Us khuda ki is dil pe yun rehmat ho gyi..!!
Har khushi gm sehne k liye zindagi sehmat ho gyi..!!
Ankhein khuli rahi sari raat yun nind hamari kho gyi..!!
Zra nazar unse kya mili to mohobbat ho gyi..!!
उस खुदा की इस दिल पे यूँ रहमत हो गई..!!
हर खुशी ग़म सहने के लिए ज़िन्दगी सहमत हो गई.!!
आंखें खुली रही सारी रात यूँ नींद खो गयी हमारी खो गई..!!
ज़रा नज़र उनसे क्या मिली तो मोहोब्बत हो गई..!!
ik tu hi ni maneya
me tan mna lya c saara jag
ਇਕ ਤੂੰ ਹੀ ਨੀ ਮੰਨਿਆ
ਮੈਂ ਤਾਂ ਮਨਾ ਲਿਆ ਸੀ ਸਾਰਾ ਜੱਗ