
Kach vargi nai hundi saddi yaari
asi umraan tak pehchaan rakhde haan
tutt k v tahniyaan da maan rakhde haan

Kach vargi nai hundi saddi yaari
asi umraan tak pehchaan rakhde haan
tutt k v tahniyaan da maan rakhde haan
मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
क्यों किया तुमने ऐसा,
क्या बिगाड़ा था मैने तुम्हारा
थोड़ा प्यार किया था,कुछ दिल लगाया था
तुमने तो इतनी बड़ी सजा दे दी
के
मुझे किसी से दिल लगाने लायक ही नहीं छोड़ा
अरे छोड़ते भी तो क्या, अब तो सीने में दिल ही नहीं रहा
तुझे रब का वास्ता, तुझे तेरे सबसे अजीज का वास्ता
ये जान भी ले ले
ये जिस्म थक चुका है इस मरी हुई रुह का बोझ उठाते उठाते