करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….
yaad naa kari mainu
me changa insaan nahi haa
kyuki me taa tere lai
apne aap nu bhulaai baitha haa
ਯਾਦ ਨਾਂ ਕਰੀਂ ਮੈਨੂੰ
ਮੈਂ ਚੰਗਾ ਇਨਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹਾਂ
ਕਿਓਕਿ ਮੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਅਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਭੁਲਾਈ ਬੈਠਾ ਹਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷