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Kai apneyaa lai || true shayari image || sach

KAI APNEYAA LAI || TRUE SHAYARI IMAGE || SACH
Kinni nirali aa aulakha eh duniya
jedia akhan ch neend aa ode kol
changa bistra nii
jehde kol changa bistra aa ohdi akh
ch neend nii
jehde mann ch daya ae
ode kol kise nu den layi
paise nii
jehde kol paisa ae ode mann ch daya ni
jinhu kadr aa rishtyaa dii ode naal
koi rishta rakhna ni chaunda
jehde naal rakhna chaunde ohnu
rishtya dii kadar nii
te aulakha
jenu bhukh yaa ode kol khaan layi roti nii
jehde kol khaan nuu bahuta ae
onuuu bhukh nii
hor sunn
kai apneyaa layi chhadd dende roti nu
te kai apneya nuu chhadd denda roti layi



Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Death sad shayari Image || KAARRNI

death shayai sad punjabi ||  yaadan teriyaan di kaarrni vich, main ik din karr jaana vekhi tu ik din main bin baalan de hi sarr jaana

yaadan teriyaan di kaarrni vich, main ik din karr jaana
vekhi tu
ik din main bin baalan de hi sarr jaana



AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi