कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..
Enjoy Every Movement of life!
कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..
paise ke nashe mein jab aadamee choor hota hai,
use laalach ka har phaisala manjoor hota hai..
पैसे के नशे में जब आदमी चूर होता है,
उसे लालच का हर फैसला मंजूर होता है..
Mzak ate paisa kaafi soch samaj ke udauna chahide ✌
ਮਜ਼ਾਕ ਅਤੇ ਪੈਸਾ ਕਾਫੀ ਸੋਚ ਸਮਝ ਕੇ ਉਡਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦੈ ✌