कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..
कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..
koi nhi puchhda jaat bahar lyaa di
bas pakka hi naam challe
na mangda daaz dahez koi
kudi le ke canada nu challe
ਕੋਈ ਨਹੀ ਪੁਛਦਾ ਜਾਤ ਬਾਹਰ ਲਿਆ ਦੀ,
ਬਸ ਪੱਕਾ ਹੀ ਨਾਮ ਚੱਲੇ।
ਨਾ ਮੰਗਦਾ ਦਾਜ ਦਹੇਜ ਕੋਈ,
ਕੁੜੀ ਲੈਕੇ ਕਨੇਡਾ ਨੂੰ ਚੱਲੇ।
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |