कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Asin la leya e tareyaan naal g
hun saanu teri lodh na
ਅਸੀਂ ਲਾ ਲਿਆ ਏ ਤਾਰਿਆਂ ਨਾਲ ਜੀ
ਹੁਣ ਸਾਨੂੰ ਤੇਰੀ ਲੋੜ ਨਾ
प्यार जिंदगी को खूबसूरत बनाने के लिए है,
पर जिंदगी बस दर्द बढ़ाने के लिए है,
मेरे अंदर की उदासी काश… कोई पढ़ ले,
ये हंसता हुआ चेहरा तो दुनिया के लिए है।