कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं

उससे प्यार बोहोत है ,
पर जताए कोन !
उसके लिए लिखता हु ,
पर सुनाए कोन !
उसके आशिको की लिस्ट में हैं हम भी ,
पर यार ये उसे बताए कोन !