कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं

Yeh raat bahut…,
gehri neend mai dale..
Ki na aaye uski yaad…
Hume khudkushi se bacha le…
यह रात बहुत…
गहरी नींद में ढले..
कि न आए उसकी याद…
हमें खुदकुशी से बचा ले…