कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं

Tere kol mere jehe beshakk lakhan honge
Par mere kol tere jeha tu hi e..!!
ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਮੇਰੇ ਜਿਹੇ ਬੇਸ਼ੱਕ ਲੱਖਾਂ ਹੋਣਗੇ
ਪਰ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਜਿਹਾ ਬਸ ਤੂੰ ਹੀ ਏ..!!