कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Kandiyaan nu kaliyaan samajh k kihne kad gal laiyaa
ehe tan #gagan hi kamla c jo ishq di khooni mitti vich, supniyaa da beejh boo aayia
ਕੰਡਿਆਂ ਨੂੰ ਕਲੀਆਂ ਸਮਝ ਕੇ ਕਿਹਨੇ ਕਦ ਗੱਲ ਲਾਇਆ
ਇਹ ਦਾ “ਗਗਨ” ਹੀ ਕਮਲਾ ਸੀ, ਜੋ ਇਸ਼ਕੇ ਦੀ ਖੂਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੁਪਣਿਆਂ ਦਾ ਬੀਜ਼ ਬੋ ਆਇਆ
