कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Jad ishq manzoor howega-odo aa jawi,
Dhakke naal kise nu apna bnauna~kaid ton ghatt nahi hunda🙂
ਜਦ ਇਸ਼ਕ ਮਨਜ਼ੂਰ ਹੋਵੇਗਾ-ਓਦੋਂ ਆ ਜਾਵੀਂ,
ਧੱਕੇ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਾਉਣਾ~ਕੈਦ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ !🙂
