कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Intezaar ||
intezaar hi mera asli sathi
pehla tera intezaar c
te hun maut da
ਇੰਤਜ਼ਾਰ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਹੀ ਮੇਰਾ ਅਸਲੀ ਸਾਥੀ
ਪਹਿਲਾਂ ਤੇਰਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਸੀ
ਤੇ ਹੁਣ ਮੌਤ ਦਾ
