कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!
Jadon rooh ch hi vassi payi kise di takkni
Fer nazran ne nazar te ki nazar rakhni..!!
ਜਦੋਂ ਰੂਹ ‘ਚ ਹੀ ਵੱਸੀ ਪਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਤੱਕਣੀ
ਫੇਰ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨੇ ਨਜ਼ਰ ‘ਤੇ ਕੀ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖਣੀ..!!