कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Bahot din hogaye Bichde tumse
Ab toh khud se bhi Milne ka dil nahi karta 💔
बहुत दिन हो गए बिछड़े तुमसे
अब तो खुद से भी मिलने का दिल नही करता 💔
“If you believe in a God who controls the big things, you have to believe in a God who controls the little things. It is we, of course, to whom things look ‘little’ or ‘big’”