कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Suno
मेरे लफ्जो को पढ़ने वालो
मेरे लफ्जो को समझ जाया
करो
ये लफ्जो मैं है एहसास मेरे
कभी इन्हे भी महसूस कर लिया
करो
Kol ho ke vi door door ho ke vi kol
Ajeeb hi adawan ne ishq diyan..!!
Tadap ch rehna te judayian nu sehna
Kuj esiyan szawan ne ishq diyan..!!
ਕੋਲ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਦੂਰ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਕੋਲ
ਅਜ਼ੀਬ ਹੀ ਅਦਾਵਾਂ ਨੇ ਇਸ਼ਕ ਦੀਆਂ..!!
ਤੜਪ ‘ਚ ਰਹਿਣਾ ਤੇ ਜੁਦਾਈਆਂ ਨੂੰ ਸਹਿਣਾ
ਕੁਝ ਐਸੀਆਂ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਨੇ ਇਸ਼ਕ ਦੀਆਂ..!!