कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
तेरे नाल महोब्बत हैं हमें,
तेरे संग रहना हैं हमें,
जब तू हो सामने ये दिल धड़कता है,
जब हो तू दूर तड़पाता है हमें

Eh koi faisla c rabb da
jan sajish c koi kismat di
main door hoyia ohton ohna hi
jinni khahish c ohde kol aun di