कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Assi zihna muhre zindagi hi khol rakhti
ohna sade kolo gallan hui lukaa lyiea nea ..
