कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Enjoy Every Movement of life!
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
Lok karan pyaar shaklan dekhke
Te mainu Teri muskaan dekh ho gya
Bardasht nahi hoti na ab logo ki batein
Sard itni hai ke rooh jamne lagi hai…💯
बर्दास्त नहीं होती ना अब लोगों की बातें,
सर्द इतनी है कि रूह जमने लगी है…💯