Doori Hui To Unse Kareeb Aur Hum Huye
Ye kese Faasle The Jo Badne Se Kam Huye….💔
दूरी हुई तो उनसे करीब और हम हुए
ये कैसे फासले थे जो बढ़ने से कम हुए….💔
Doori Hui To Unse Kareeb Aur Hum Huye
Ye kese Faasle The Jo Badne Se Kam Huye….💔
दूरी हुई तो उनसे करीब और हम हुए
ये कैसे फासले थे जो बढ़ने से कम हुए….💔
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Bahut roya wo mere pass aa kar
jab use apni galti ka ehsaas hua
chup ham bhi Kara lete agar
hamare chehre par kafan na hota