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Kaiyaa lai change || sardaari shayari punjabi

KAIYAA LAI CHANGE || SARDAARI SHAYARI PUNJABI
Kaiyaa lai asi change aa
kaiyaa lai asi maadhe aa
kaiyaa lai jite te kaiyaa ton haare aa
kade saukhe kade aukhe kite asi guzaare aa
asi jidaa de v aa bas
waheguru de sahaare aa



Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


PUCHHDI E HUN | Sad Anger Shayari

ambron tutte taare vekh
mangdi e mantaan gairaan de naal
krke banjar jameen
puchdi e hun
suke rukhan de haal

ਅੰਬਰੋਂ ਟੁੱਟੇ ਤਾਰੇ ਵੇਖ
ਮੰਗਦੀ ਏ ਮੰਨਤਾਂ ਗੈਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ
ਕਰਕੇ ਬੰਜ਼ਰ ਜ਼ਮੀਨ
ਪੁਛਦੀ ਹੁਣ ਸੁੱਕੇ ਰੁਖਾਂ ਦੇ ਹਾਲ

Title: PUCHHDI E HUN | Sad Anger Shayari


Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण

वन्य जीवों का पता लगाओ ,
सब मिलकर राष्ट्रीय “पशु ” बाघ बचाओ ।
जंगलो को कटने से बचायें ,
जंगल जा -जाकर बाघों का पता लगायें ।
अब पूरे भारत में चौदह सौ ग्यारह बाघ बचे हैं ,
उनमें से आधे तो अभी बच्चे हैं ।
उन्हें बचाने के खातिर जंगल न काटें ,
जगह -जगह पेड़ लगाने के लिए लोगों को बाटें ।
राष्ट्रीय पशु “बाघ” हम सब को बचना है ,
जंगलों को हरा-भरा और बनाना है ।                        रहता वन में और हमारे,
संग-साथ भी रहता है ।
यह गजराज तस्करों के,
ज़ालिम-ज़ुल्मों को सहता है ।।

समझदार है, सीधा भी है,
काम हमारे आता है ।
सरकस के कोड़े खाकर,
नूतन करतब दिखलाता है ।।

मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है ।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है ।।

वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है ।

वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा ।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा ।।

तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है ।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है ।।

Title: Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण