जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Enjoy Every Movement of life!
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
Saari duniya ke the vo mere siva
maine duniya chhor di jinke liye😔😔😔