जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Fikki soch ch tera nhi c aashiana kade
Tere khayalan ch hun rangeen jehi laggan laggi e..!!
Chehra tera mein takkeya jadon da sajjna
Puri duniya haseen jehi laggan laggi e..!!
ਫਿੱਕੀ ਸੋਚ ‘ਚ ਤੇਰਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਆਸ਼ੀਆਨਾ ਕਦੇ
ਤੇਰੇ ਖ਼ਿਆਲਾਂ ‘ਚ ਹੁਣ ਰੰਗੀਨ ਜਿਹੀ ਲੱਗਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਚਿਹਰਾ ਤੇਰਾ ਮੈਂ ਤੱਕਿਆ ਜਦੋਂ ਦਾ ਸੱਜਣਾ
ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਹਸੀਨ ਜਿਹੀ ਲੱਗਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
शुरु हुआ है सफर अभी, शायद कुछ समझ ना आएगा
फिर जी चाहेगा लौट चलो, पर तुझे तेरा सपना याद आएगा
जो एक बार तूने ठान लिया, तो ये हालात क्या कर पायेगा
अब करनी है मेहनत तुझको, जो चाहा वो मिल जायेगा