जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Enjoy Every Movement of life!
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Tu dil ch dhadkda e
Sahaan ch vassda e
Hanjhuya ch ronda e
Te haaseya ch hassda e..!!❤️🥀
ਤੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਧੜਕਦਾ ਏ
ਸਾਹਾਂ ‘ਚ ਵੱਸਦਾ ਏ
ਹੰਝੂਆਂ ‘ਚ ਰੋਂਦਾ ਏ
ਤੇ ਹਾਸਿਆਂ ‘ਚ ਹੱਸਦਾ ਏ..!!❤️🥀
कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_