जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Enjoy Every Movement of life!
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
कई दिनो से अपने तकिए के भिगोये नही हूं,
एक मुद्त गुझर गई जी भर के रोया नही हूं
पता नही अब वोक नींद कब मिलेगी
कई रातो से मीठे ख्वाबो मे खोया नही हुं
din ch ik vaari teri deed ho jaani
kise mulakaat naalo ghat nahi hundi
ਦਿਨ ਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਤੇਰੀ ਦੀਦ ਹੋ ਜਾਣੀਂ,
ਕਿਸੇ ਮੁਲਾਕਾਤ ਨਾਲੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ..