जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Enjoy Every Movement of life!
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
न जाने किस हुनर को शायरी कहते हो तुम,
हम तो वो लिखते हैं जो तुमसे कह नहीं पाते।
ਨਾਹੀ ਪਤਾ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਕਿਸ ਹੁਨਰ ਨੂੰ ਸ਼ਾਇਰੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹੋ, ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਉਹੀ ਲਿਖਦੇ ਹਾਂ ਜੋ ਅਸੀਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨੂੰ ਕਹਿ ਨਹੀਂ ਪਾਂਦੇ।
I don’t know what skill you call poetry, we just write what we cannot tell you.
