जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Enjoy Every Movement of life!
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
Nind uddi mastani akhiyan di
Hun chain Na dil nu aawe..!!
Sade birha vich hoye haal bure
Sajjna di yaad satawe..!!
ਨੀਂਦ ਉੱਡੀ ਮਸਤਾਨੀ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ
ਹੁਣ ਚੈਨ ਨਾ ਦਿਲ ਨੂੰ ਆਵੇ..!!
ਸਾਡੇ ਬਿਰਹਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਹਾਲ ਬੁਰੇ
ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਯਾਦ ਸਤਾਵੇ..!!
है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।