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Kam hi lagta hai || Sad Shayari

जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है

लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है

Title: Kam hi lagta hai || Sad Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


बेटी का स्कूल || bachpan poetry || Hindi shayari

कल स्कूल खुलेंगे कई दिन बाद
क़ैद से निकलेंगी बच्चियाँ
नए-पुराने दोस्तों से मिलेंगी
मेरी बच्ची भी जाएगी स्कूल
फ़रहाना के साथ लंच शेयर करेगी
जेनिस के साथ खूब बातें करेगी
रवनीत बनेगी बेंच पार्टनर
फ़रहाना बताएगी वॉटर पार्क के क़िस्से
छपछप करती है वह अक्सर जाकर
जेनिस बताएगी कैसे मुर्ग़े की आवाज़ निकालकर
खिड़की के बाहर आता है रोज़
ग़ुब्बारे वाला
रवनीत बताएगी
गुरुद्वारे जाकर दुखभंजनी साहब गाती है वह
हर बुधवार
मेरी बच्ची भी बताएगी
नई जगहों के बारे में
जहाँ मम्मी ले जाती है उसे
बताएगी कोर्ट गयी थी घूमने
पिछले मंगलवार
कोर्ट एक मस्त जगह है
जहाँ मम्मी-पापा बिल्कुल नहीं लड़ते
सिर्फ़ प्यार करते हैं मुझसे।
बताएगी फ़रहाना को
वॉटर पार्क से बुरा नहीं है थाने जाना
पुलिस वाले अंकल देते हैं ख़ूब सारी टॉफ़ियाँ
और पापा से काफ़ी देर बातें करते हैं।
जेनिस को बताएगी
घर पर आती रहती है पुलिस
जैसे उसके यहाँ आता है ग़ुब्बारे वाला।
अगली बार आई पुलिस तो
वह रवनीत से सीखकर
गाएगी दुखभंजनी साहेब
और रोएगी बिल्कुल नहीं।

Title: बेटी का स्कूल || bachpan poetry || Hindi shayari


मुठ्ठी भर ज़मीन में || Kisan shayari || farmer hindi shayari

मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...

Title: मुठ्ठी भर ज़मीन में || Kisan shayari || farmer hindi shayari