Rahi hongi kuch kami unaki jindagi me ,
Yuhi koi mauth ko gale nahi lagata.
-By Abhishek kshirsagar
Rahi hongi kuch kami unaki jindagi me ,
Yuhi koi mauth ko gale nahi lagata.
-By Abhishek kshirsagar
ਬਰਸਾਤ ਸਿਰਫ਼ ਸੁਹਾਵਣਾ ਮੌਸਮ ਨਹੀਂ ਖੇਤਾਂ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਉਪਰ ਤੇਜ਼ਾਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,
ਆਬ ਨੈਣਾ ਦਾ ਵਹਿੰਦਾ ਪਲਕਾਂ ਤੋਂ ਸੁੱਖ ਦੁੱਖ ਵਿਚ ਬਣਕੇ ਹੰਜੂਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ।
ਸੁੱਖ ਤਾਹ ਖਿਆਲੀ ਗਵਾਚ ਗਏ ਨੇ ਦੁੱਖਾਂ ਨੇ ਹਕੀਕਤ ਵਿਚ ਜਗਾਹ ਬਣਾ ਲਈ ਹੈ,
ਖਤ੍ਰੀ ਬੈਠਾ ਦਰਵਾਜਾ ਖੋਲਕੇ ਕੀਤੋ ਤਾ ਆਵੇਗਾ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦਾ ਪਰਚਮ ਫਤਿਹ ਕਰਦਾ।
दोस्त वो है जो थाम के रखता है हाथ
परवाह नहीं उसको कौन है तुम्हारे साथ
उसकी आखों में चमक दिखती है
जब होता है तुम्हारे साथ
गुजर जाता है वक़्त मिनटों में
जब करते हैं उससे बात
दोस्त वो हैं जो सामने आ जाये गर
खुद बयाँ हो जाते हैं दिल के हालत
कुछ सोचना नहीं पड़ता
जब होती है उससे बात
दोस्त वो है जो बिन कहे समझ लेता है हर बात
बस हम छिपा नहीं सकते उससे कोई भी राज
कर देता है हैरान तब और भी
जब मरहलों में बन जाता है ढाल
अपने सारे दर्द ग़म भुला कर
साथ हँसता है सारी रात
उसे कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे बस
कुछ पल तुम्हारे साथ का है वह मोहताज़
दोस्त वो है जिससे दोस्ती निभानी नहीं पड़ती
जिसे कोई भी बात समझानी नहीं पड़ती
रूठ भी जाए तो भी नहीं करता नज़रन्दाज़
इसलिए ये रिश्ता होता है हर रिश्ते से ख़ास
कभी वो माँ की तरह समझाता है
तो कभी पिता की तरह डांटता है
कभी- कभी बहन बन कर सताता है
तो कभी भाई की तरह रुलाता है
कभी एक आफ़ताब बन होंसला बढ़ाता है
हमें ग़म और खुशियों से परे ले जाता है
जिसके पास है ऐसा दोस्त
वही मुकम्मल है इस जहाँ में
वही है हयात का सरताज