Rahi hongi kuch kami unaki jindagi me ,
Yuhi koi mauth ko gale nahi lagata.
-By Abhishek kshirsagar
Rahi hongi kuch kami unaki jindagi me ,
Yuhi koi mauth ko gale nahi lagata.
-By Abhishek kshirsagar

आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...