
pehle hi hamaare andar kitni bhi
khubiyaa kyu na ho
magar log nikalenge toh sirf kamiyaa

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_
main bahut peeti, peeti main bahut tainu bhulan lai
pee k main mehfil sazaai fatt ishq de seen lai
pr chandri eh na charri, te na hi teri yaad mitta saki
ਅੱਜ ਬਹੁਤ ਪੀਤੀ, ਪੀਤੀ ਮੈਂ ਬਹੁਤ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲਣ ਲਈ
ਪੀ ਕੇ ਮੈਂ ਮਹਫਿਲ ਸਜਾਈ ਫਟ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਸੀਨ ਲਈ
ਪਰ ਚੰਦਰੀ ਇਹ ਨਾ ਚੱੜੀ, ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਮਿਟਾ ਸਕੀ