
pehle hi hamaare andar kitni bhi
khubiyaa kyu na ho
magar log nikalenge toh sirf kamiyaa

Kive kaha ohna pala di kahani mein
Jad dhrt-akash do roohan nu milaunda e..!!
Oh mulakat e ishq ruhaniyat di
Rabb aap miln jiwe aunda e..!!
ਕਿਵੇਂ ਕਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਪਲਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਮੈਂ
ਜਦ ਧਰਤ-ਅਕਾਸ਼ ਦੋ ਰੂਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾਉਂਦਾ ਏ..!!
ਉਹ ਮੁਲਾਕਾਤ ਏ ਇਸ਼ਕ ਰੂਹਾਨੀਅਤ ਦੀ
ਰੱਬ ਆਪ ਮਿਲਣ ਜਿਵੇਂ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…