
pehle hi hamaare andar kitni bhi
khubiyaa kyu na ho
magar log nikalenge toh sirf kamiyaa


सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ