Jb jyada apno se riste tutne lge na to
Samjh jana ki tumhari kamyabi tumhara intazar kr rhi hai✌️
जब ज्यादा अपनो से रिश्ते टूटने लगे न तो
समझ जाना की तुम्हारी कामयाबी तुम्हारा इंतज़ार कर रही है ✌️
Jb jyada apno se riste tutne lge na to
Samjh jana ki tumhari kamyabi tumhara intazar kr rhi hai✌️
जब ज्यादा अपनो से रिश्ते टूटने लगे न तो
समझ जाना की तुम्हारी कामयाबी तुम्हारा इंतज़ार कर रही है ✌️
"Raat k andehere main kuch toh shore macha rha h jo na hokar bhi itna kyu yaad aarha h dil ki shikayte or khamoshi zubaan pe aati nhi h bas ye gehri sanaate main khota jaa rha hun ye raat bhi gumshum si h jo mere ander ki shore chupa rha h
“
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।