Skip to content

kara pyaar tainu || love shayari from heart in punjabi

karaa pyaar tainu saaha ton v vadh ke
saath deu tera baaha di tarah
rakhugaa bnaake tainu raani raajeyaa di tarah
naal naal rahu tere parchhawe di tarah

ਕਰਾ ਪਿਆਰ ਤੈਨੂੰ ਸਾਹਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਕੇ
ਸਾਥ ਦਊ ਤੇਰਾ ਬਾਹਾਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾ
ਰੱਖੂੰਗਾ ਬਣਾਕੇ ਤੈਨੂੰ ਰਾਣੀ ਰਾਜਿਆਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ
ਨਾਲ ਨਾਲ ਰਹੂ ਤੇਰੇ ਪਰਛਾਵੇਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ

Title: kara pyaar tainu || love shayari from heart in punjabi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bhut ro chuckle haan 💔 || sad Punjabi status || sad shayari

Sad and heart broken shayari || Bhut ro chukke haan luk luk ke teri khatir
Te Lok sanu kehnde ne tenu kade ronde nahi dekheya..!!
Bhut ro chukke haan luk luk ke teri khatir
Te Lok sanu kehnde ne tenu kade ronde nahi dekheya..!!

Title: Bhut ro chuckle haan 💔 || sad Punjabi status || sad shayari


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry